मोदी के स्वच्छता अभियान को आगे बढ़ाता दिव्यांग


रिपोर्टर- बाल गोविन्द वर्मा
कोटवा सड़क, बाराबंकी।देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छता अभियान को लेकर देश के सभी प्रदेशों, जनपदों, तहसीलों व ब्लॉकों से लेकर गाँवों तक तमाम संगठनों, प्रशासनिक अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के द्वारा स्वच्छता अभियान चलाया गया था। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का यह स्वच्छता अभियान समय के साथ ही धीरे-धीरे दम तोड़ने लगा है।

       आज कोई भी इस अभियान को लेकर आगे चलने वाला नही है। अब ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी के इस अभियान को साथ लेकर आगे चलने का बीड़ा एक ग़रीब दिव्यांग ने उठाया है। यह दिव्यांग ग्राम व पोस्ट कोटवा सड़क में रहता है। जब इस दिव्यांग को गर्मी के महीने की इस चिलचिलाती धूप में हाथ में झाड़ू थामे चौराहे पर बनी दुकानों की सफ़ाई करते हुए दैनिक भास्कर संवाददाता ने देखा तो रहा नही गया और दिव्यांग से पूंछ ही लिया कि भाई आपको शारीरिक श्रम करने में तो काफ़ी कठिनाई होती होगी तो फ़िर इस गर्मी में आपको झाड़ू उठाने की क्या जरूरत आन पड़ी। जवाब सुनकर आप भी चौंक जाएंगे। उसने बताया कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री ने देश की जनता को रोगमुक्त करने के व देश को स्वच्छ बनाने के उद्देश्य से स्वच्छता अभियान चलाया था लेकिन धीरे-धीरे उनके द्वारा चलाये गए इस अभियान ने दम तोड़ना शुरू कर दिया। इसी को लेकर मैंने सोंचा कि वैसे भी मैं कोई बड़ा काम नहीं कर सकता तो फिर क्यों न हाथ में झाड़ू उठाकर अपना सहयोग स्वच्छता अभियान में दूँ।

         उसने यह भी बताया कि वह शारीरिक रूप से अस्वस्थ होने के साथ ही काफ़ी गरीब भी है। उसके घर पर उसके अलावा उसकी माँ भी है जो विधवा है। उसकी माँ को विधवा पेंशन भी नही मिलती है। इस सब के बावजूद उसे किसी से कोई शिकायत नहीं है। उसने कहा कि पहले तो उसे झाड़ू लगाने की कीमत सिर्फ़ आत्मिक संतोष से ही मिलती थी, लेकिन अब दुकानदारों ने महीने में कोई 10 तो कोई 15 रुपये भी देना शुरू कर दिया है।

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