बाल गोविन्द वर्मा।
अभी हाल ही में केंद्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान की टीम ने बरौलिया कोटवाधाम, बाराबंकी की धरती पर स्थित अलौकिक ऐतिहासिक धरोहर अद्वितीय वृक्ष पारिजात का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के उपरांत डायरेक्टर प्रोफेसर एस के बारिक ने कहा था कि इस पेंड का कायिक प्रवर्धन करके नया पेंड तैयार करने का प्रयास किया जायेगा। उन्होंने वृक्ष की माली हालत को लेकर काफी चिंता प्रकट की थी। निरीक्षण के बाद इस अलौकिक वृक्ष पर कीड़ों की रोकथाम के लिए दवा का छिड़काव किया गया था।
'जाको राखे साईंयां, मार सके न कोय' वाली कहावत चरितार्थ होते नज़र आने लगी है। अभी निरीक्षण के तुरंत बाद पारिजात में नई पत्तियाँ आने लगी हैं, जिसको लेकर वन विभाग के साथ ही पारिजात परिसर में बने मंदिर के पुजारी व क्षेत्रीय लोग काफ़ी खुश हैं। इन पत्तियों ने पारिजात वृक्ष में नई जान डालनी शुरू कर दी है।
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