रिपोर्टर- बाल गोविन्द वर्मा
सिरौलीगौसपुर, बाराबंकी।बाराबंकी जनपद में भूमाफियाओं ने सभी तहसील क्षेत्रों में सरकारी ज़मीन पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। अब ऐसे में इस सरकारी भूमि का सही व पात्र व्यक्ति को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है।
सिरौलीगौसपुर, बाराबंकी।बाराबंकी जनपद में भूमाफियाओं ने सभी तहसील क्षेत्रों में सरकारी ज़मीन पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। अब ऐसे में इस सरकारी भूमि का सही व पात्र व्यक्ति को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है।
पिछली सरकार के रहते जनपद में भूमाफियाओं, खनन माफियाओं ने कई क्षेत्रों में अपनी राजनीतिक पहुँच के चलते निजी लाभ हेतु प्रशासन को ठेंगा दिखाते हुए सरकारी ज़मीन पर अवैध कब्ज़ा कर लिया था और तब से लेकर आज तक उस पर काबिज़ हैं। हालात यह हैं कि इन लोगों ने गांव में वृक्षारोपण, गौचरी/चारागाहों, खलिहानों, व अन्य सुरक्षित भूमि पर अपना अवैध अतिक्रमण रूपी झंडा गाड़ रखा है। प्रधान, लेखपाल, कानूनगों, नायब तहसीलदार यहाँ तक कि उपजिलाधिकारी आदि का भी इनको कोई डर नही है, क्योंकि अब से पहले किसी के द्वारा भी इस भूमि को खाली कराने की ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
सिरौलीगौसपुर क्षेत्र की तमाम ग्राम पंचायतों में दबंगों ने सरकारी ज़मीन पर अवैध कब्ज़ा कर रखा है। ग्राम पंचायत बघौरा के ग्राम बीरबल पुरवा में खलिहान की ज़मीन पर अम्बर, गुल्ले सहित अन्य द्वारा कब्जा कर रखा गया है। ग्राम पंचायत महमूदाबाद में सोंटा तालाब पर गांव के बाबू पुत्र ठक्कू ने बंगला बनाकर कब्जा कर लिया है, जिसकी शिकायत तहसीलदार सिरौलीगौसपुर से ग्रामीणों द्वारा की गयी है। ग्राम पंचायत हमीदनगर में धोबीघाट की ज़मीन पर सुग्गु पुत्र रामू व कल्लू पुत्र रामू ने कब्जा कर लिया है।
सिरौलीगौसपुर क्षेत्र की तमाम ग्राम पंचायतों में दबंगों ने सरकारी ज़मीन पर अवैध कब्ज़ा कर रखा है। ग्राम पंचायत बघौरा के ग्राम बीरबल पुरवा में खलिहान की ज़मीन पर अम्बर, गुल्ले सहित अन्य द्वारा कब्जा कर रखा गया है। ग्राम पंचायत महमूदाबाद में सोंटा तालाब पर गांव के बाबू पुत्र ठक्कू ने बंगला बनाकर कब्जा कर लिया है, जिसकी शिकायत तहसीलदार सिरौलीगौसपुर से ग्रामीणों द्वारा की गयी है। ग्राम पंचायत हमीदनगर में धोबीघाट की ज़मीन पर सुग्गु पुत्र रामू व कल्लू पुत्र रामू ने कब्जा कर लिया है।
इसी गांव के खलिहान पर रामकिशोर पुत्र रामभरोसे, कन्हैयालाल पुत्र राममिलन, अमरसिंह पुत्र राम हरख ने अवैध कब्जा कर रखा है, जिसकी वजह से अब ग्राम वासियों को अपनी फसलों को तैयार करने के लिए अलग जमीन तलाशनी पड़ रही है।
इसी प्रकार से तहसील क्षेत्र रामसनेहीघाट की ग्राम पंचायत खुटौली में तत्कालीन ग्राम प्रधान रामू गुप्ता ने अपने नजदीकियों व परिवारीजनों को गौचरी/चारागाह की सुरक्षित ज़मीन पर खुद के प्रधान रहते अवैध कब्जा करवा दिया था, जोकि अब नवगठित ग्राम पंचायत अरसंडा में आती है, तब से लेकर आज़तक ये दबंग लोग इस खलिहान की भूमि पर काबिज हैं।
इसी प्रकार से तहसील क्षेत्र रामसनेहीघाट की ग्राम पंचायत खुटौली में तत्कालीन ग्राम प्रधान रामू गुप्ता ने अपने नजदीकियों व परिवारीजनों को गौचरी/चारागाह की सुरक्षित ज़मीन पर खुद के प्रधान रहते अवैध कब्जा करवा दिया था, जोकि अब नवगठित ग्राम पंचायत अरसंडा में आती है, तब से लेकर आज़तक ये दबंग लोग इस खलिहान की भूमि पर काबिज हैं।
बात सिर्फ़ यहीं पर नहीं खत्म होती है। सरकार द्वारा लाखों रुपये खर्च करके बनवायीं गयीं सरकारी इमारतें जैसे अस्पताल, स्कूल, पंचायत घर, आंगनबाड़ी केंद्र आदि पर भी दबंगों ने नाज़ायज क़ब्जे कर रखे हैं, जिसके चलते सरकार की योजनायें धरातल पर नहीं उतर रही हैं।
सूबे में बीजेपी की सरकार बनने के बाद लोगों को धीरे-धीरे यह विश्वास हो चला है कि अब जरूर इन भूमाफियाओं के आतंक से ग्राम पंचायतों में आम आदमी को राहत मिलने के साथ ही उसका अधिकार मिलेगा।
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