बाल गोविन्द वर्मा
सिरौली गौसपुर। शुक्रवार को केन्द्रीय राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान की टीम ने बरौलिया कोटवाधाम स्थित ऐतिहासिक व अलौकिक महाभारत कालीन अद्वितीय वृक्ष पारिजात का निरीक्षण किया है। निरीक्षण करने के बाद उन्होंने कहा कि इस वृक्ष की टहनियों से कायिक परिवर्धन करके दूसरा पेड़ तैयार किया जाएगा तथा इस प्रकार का दुनिया में दूसरा पेड़ है कि नहीं इसका डीएनए टेस्ट कराया जायेगा, जिससे इसकी उम्र का भी पता लगाया जा सकेगा।
शुक्रवार की सुबह करीब 9:00 बजे उक्त संस्थान के डायरेक्टर प्रोफेसर एस० के० बारिक ने अपनी टीम के साथ सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र के बरौलिया गांव में स्थित पारिजात वृक्ष का निरीक्षण किया। उनके साथ वैज्ञानिक एस० के० तिवारी तकनीकी अधिकारी एस० के० शर्मा ने वृक्ष की गहन जांच की। डायरेक्टर ने कहा कि इस वृक्ष का कायिक प्रवर्धन करके दूसरा पेड़ तैयार करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने पारिजात वृक्ष की टहनियां एवं शाखाओं को सुरक्षित रखने के लिए लोहे के खम्भों इत्यादि का सपोर्ट लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने इसकी जड़ में दीमक या अन्य कीड़े की रोक थाम के लिये दवा का छिड़काव करने का भी निर्देश दिया। उनके साथ आए वैज्ञानिक एस० के०तिवारी ने बताया कि पेड़ की उम्र के साथ इसमें सड़न व गलन शुरू हो गई है। इसको बचाने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि हर चीज की एक उम्र होती है और यह पेड़ अपनी उम्र से अधिक समय तक का जीवन व्यतीत कर चुका है। ऐसे में इसको जीवित रखने का पूरा प्रयास हमारा विभाग करेगा। क्योंकि यह पेड़ ऐतिहासिक है और लोगों की भावनाएं इससे जुड़ी हैं इसीलिये यहाँ वन विभाग अलग से एक व्यक्ति की तैनाती करेगा। उसकी जिम्मेदारी होगी कि वह इस पेड़ की देखभाल करे। उन्होंने यह भी कहा कि इसका डीएनए टेस्ट कराया जाएगा जिससे इसकी उम्र का पता हो जायेगा। दुनिया में इससे मिलता हुआ कोई वृक्ष है या नहीं इसका भी पता चल जाएगा। इस दौरान उपजिलाधिकारी आशुतोष दुबे सहायक जिला वनाधिकारी अरुण कुमार वन क्षेत्राधिकारी आर के श्रीवास्तव वन दरोगा दिलीप कुमार गुप्ता वनरक्षक मिश्रीलाल आदि विभाग के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
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