अपने बहादुर जवानों के बलिदान को हम व्यर्थ नहीं जाने देंगे- गृह मंत्री राजनाथ सिंह

लाल आतंकः PM के बाद गृह मंत्री भी बोले, बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा

नई दिल्ली,  छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सली हमले पर गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि अपने बहादुर जवानों के बलिदान को हम व्यर्थ नहीं जाने देंगे। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी यही इरादा जताया था। राजनाथ ने कहा कि वामपंथी उग्रवादी CRPF की कार्रवाई से बौखला गए हैं। हम इस हमले को एक चुनौती की तरह ले रहे हैं। सीएम रमन सिंह ने भी इस घटना को निंदनीय बताया है। 
गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि रायपुर में नक्सली आदिवासियों का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने रायपुर में कहा कि नक्सली विकास को अस्थिर करना चाहते हैं। हम नक्सल विरोधी रणनीति की समीक्षा करेंगे। 
गृहमंत्री ने इस हमले को नक्सलियों की कायराना हरकत बताया और कहा कि क्षेत्र में हो रहे विकास से नक्सली बौखलाए हुए हैं। इसलिए ऐसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि नक्सलियों की शहादत बेकार नहीं जाएगी। सिंह ने संकेत दिए कि लड़ाई की रणनीति के संबंध में आठ मई को एक महत्वपूर्ण बैठक होगी।
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में कल नक्सली हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के 25 जवान शहीद हो गए थे। शहीदों को गृहमंत्री राजनाथ सिंह समेत छत्तीसगढ़ के राज्यपाल बलीरामजीदास चंदन, मुख्यमंत्री रमन सिंह और मंत्रिमंडल के सदस्यों ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की। सुकमा जिले के चिंतागुफा थाना क्षेत्र के अंतर्गत बुरकापाल गांव के करीब नक्सलियों ने पुलिस दल पर घात लगाकर हमला किया था। 
चिंतागुफा थाना क्षेत्र में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की 74वीं बटालियन की दो कंपनियों को बुरकापाल से चिंतागुफा के मध्य बन रही सड़क की सुरक्षा में रवाना किया गया था। दल जब बुरकापाल से लगभग डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर था तब नक्सलियों ने पुलिस दल पर गोलीबारी शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस दल ने भी जवाबी कार्रवाई की।  
इससे पहले नक्सली हमले में शहीद सीआरपीएफ जवानों का शव मंगलवार को माना के सीएएफ कैंप लाया गया। तिरंगे में लिपटे जवानों का शव देखकर वहां का माहौल गमगीन हो गया। उधर केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह बी छत्तीसगढ़ पहुंचे। उन्होंने शहीद जवानों के शव को श्रद्धांजलि दी। उनके साथ मुख्यमंत्री रमन सिंह समेत कई और नेता मौजूद थे। 
उधर हमले के बाद सीआरपीएफ एक्शन में है, उसके जवानों ने चिंतागुफा इलाके में नक्सलियों के खिलाफ कॉम्बिंग आपरेशन चला रखा है।   बता दें कि इस हमले में 25 सीआरपीएफ जवान शहीद हो गए। इसमें 8 जवान घायल भी हुए हैं, जिसमें 4 की हालत गंभीर बनी हुई है। नक्सली जवानों के हथियार भी लूट कर ले गए हैं। 
चुनौती की तरह ले रही है सरकारः राजनाथ
इससे पहले हमले के बाद अपनी प्रतिक्रिया देते हुए राजनाथ ने कहा कि सरकार इसको चुनौती कीतरह ले रही है और इसके दोषियों को बख्‍शा नहीं जाएगा। नक्‍सलियों ने यह हमला दक्षिणी बस्तर के बुर्कापाल-चिंतनगुफा इलाके में दोपहर करीब साढ़े बारह बजे किया था यह इलाका राज्य के सबसे ज्यादा माओवादी प्रभावित इलाकों में से एक है।
4 जवानों की हालत नाजुक
हलमे में 4 जवानों की हालत बेहद चिंताजनक बनी हुई है। शहीद सभी जवान सीआरपीएफ के 74वीं बटालियन के थे जिन्हें माओवादी विरोधी अभियान के लिए लगाया गया था। इस घटना के बारे में गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री को पूरी जानकारी दी। राजनाथ ने इस हमले को दुर्भाग्‍यूपर्ण बताया है। उनके अलावा राष्‍ट्रपति समेत पीएम मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी समेत कई नेताओं ने इस हमले की कड़ी निंदा की है।

हमले में शहीद हुए जवान

रघुवीर सिंह (पंजाब), केके दास (बंगाल), संजय कुमार (हिमाचल प्रदेश) रामेश्वर लाल (राजस्थान) नरेश कुमार (हरियाणा), सुरेंद्र कुमार (उत्तर प्रदेश), बन्ना राम  (राजस्थान), केपी सिंह (उत्तर प्रदेश), नरेश यादव (बिहार) पद्मनाभन (तमिलनाडु), सौरभ कुमार (बिहार), अभय मिश्रा  (बिहार), बनमल राम (छत्तीसगढ़), एनपी सोनकर (मध्य प्रदेश), राम मेहर (हरियाणा), अरूप कर्माकर (बंगाल), केके पांडेय (बिहार), बीसी बर्मन (बंगाल), पी अलगूपंडी (तमिलनाडु), अभय कुमार (बिहार), एन सेंथिल कुमार (तमिलनाडु), एन थिरुमुरगन (तमिलनाडु), रंजीत कुमार (बिहार), आशीष सिंह (झारखंड), मनोज कुमार (उत्तर प्रदेश)

सात जवान लापता
सूत्रों के अनुसार, अभी भी 7 सीआरपीएफ जवान लापता हैं, इनमें से एक कंपनी कमांडर भी है। इन जवानों से कोई संपर्क नहीं हो पाया है। 
तीन ओर से हमला
जवानों पर करीब 300 नक्सलियों ने हमला बोला। जवानों को ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाने के लिए नक्सलियों ने तीन तरफ से गोलीबारी की। 
महिला नक्सली ज्यादा आक्रामक
हमले में नक्सलियों की महिला विंग की टुकड़ी भी शामिल थी। एके-47 से लैस महिला नक्सली ज्यादा आक्रामक होकर न केवल जवानों को गालियां बक रही थीं बल्कि ताबड़तोड़ गोलियां भी चला रही थीं। 

डेढ़ महीने में दूसरा बड़ा हमला 
पिछले डेढ़ महीने में रोड ओपनिंग पार्टी पर नक्सलियों का ये दूसरा बड़ा हमला है। इसी साल 11 मार्च को सुकमा के भेज्जी में नक्सलियों के घात लगाकर किए गए हमले में 12 सीआरपीएफ जवान शहीद हो गए थे। उस वक्त भी जवान सड़क बना रही कंपनी को सुरक्षा देने के लिए निकली थी।

Post a Comment

Previous Post Next Post