10 सुबूत, जो बताते हैं कि जंतर मंतर पर इकट्ठा हुए किसान नकली थे!

Satire: This is what proves that Farmers from Tamil Nadu  protesting at Jantar Mantar is anti government and the protest is staged
तमिलनाडु के किसान फिलहाल लौट गए हैं. एक महीने की मोहलत ले-देकर. तमिलनाडु के सीएम साब एडापड्डी के पलानीसामी आकर भरोसा दिए हैं कि वो मोदी जी के सामने बात रखेंगे. लेकिन फाइनली इन किसानों का सच सामने आ गया है. थैंक्स टू सोशल मीडिया एंड व्हाट्सऐप यूनिवर्सिटी. तो जो सच निकलकर आए हैं वो चौकाने वाले हैं. हमें पता चला है कि ये लोग असली किसान थे ही नहीं. आर्टिफिशियल किसान थे. कैसे, ये पॉइंट्स पढ़कर आपकी समझ में आ जाएगा.
1. इनकी बॉडी बीडी देख लो. तोंद से निकले हुए हैं. किसान का पेट कभी भरा हुआ देखा है आपने इस देश में? पेट पीठ एक में न मिला हो तो वो किसान नहीं होगा कलाकार भले हो.


2. इनमें से कुछ अंग्रेजी बोलते देखे गए हैं. देहाती भाषा के अलावा खड़ी बोली न बोल पाते हैं ये. किसान कैसे हो सकते हैं?
3. इनके हाथों में महंगे मिनरल वॉटर की बोतलें देखी गई हैं. यहां दिल्ली वाले नगर निगम का पानी पीते हैं और ये तथाकथित किसान बिस्लरी धकेल रहे हैं.
4. इनके पास हेयरस्टाइल पर खर्च करने को बड़ा पैसा है. कभी आधे पर से गंजे हो जाते हैं, कभी मूंछों पर खेल जाते हैं. हेयरकट पर उड़ाने को पैसा है, खेती करने को नहीं.
5. ये लोग सोशल मीडिया पर नहीं हैं. मतलब फर्जी हैं. जब हमारी सरकार ने पूरे देश को ट्विटर और भीम ऐप से जोड़ रखा है तो ये सोशल मीडिया पर नहीं हैं. ये अपने आप में बहुत बड़ा सवाल है.
6. इनको भारत के कृषिमंत्री का नाम भी मालूम नहीं है. राधामोहन का नाम ये गूगल पर सर्च नहीं कर सके. कैसे किसान हैं ये?
7. किसान बड़े मजबूत होते हैं. भूखे प्यासे जब तक कहो, पड़े रहें. ये 100 दिन का धरना करने आए थे, 40 दिन में बोल गए.
8. इनको NGO वाले सपोर्ट कर रहे हैं. अब से पहले तो किसी किसान को किसी NGO ने नहीं सपोर्ट किया.
9. सबसे बड़ी बात तो ये लोग वापस गए राजधानी एक्सप्रेस से. इनके पास टिकट खरीदने का पैसा कहां से आया?
10. आखिरी वजह ये है कि इनमें से किसी ने अभी तक आत्महत्या नहीं की. जब तक किसान आत्महत्या न करे, किसान नहीं होता.
नोट: अगर आपको भी ऐसे मैसेज और पोस्ट दिखते हैं, तो उनको आग की तरह फैलाने से पहले जांच लें कि अगर खोपड़ियां लेना, नंगे लोटना, साड़ी पहनना, आधा गंजे होना, मूत्र पीना नौटंकी है, तो किस मजबूरी में अगला किसान नौटंकी कर रहे हैं.

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