कवरेज इण्डिया के लिए सुल्तानपुर से संतोष पांडेय की रिपोर्ट-
सुलतानपुर:- अधिवक्ता हत्याकांड को लेकर महीने भर से चल रहे आन्दोलन को धार देने एवं अगली रणनीति तय करने के लिए अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को बैठक की। जिसमें बतौर मुख्य अतिथि समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष प्रो. राम सहाय यादव भी शामिल हुए। उन्होंने शीघ्र ही मुख्यमंत्री से अधिवक्ताओ को मिलाकर इस प्रकरण में न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है। वहीं इलाहाबाद में शनिवार को बार काउंसिल की बैठक में अधिवक्ताओं ने भारी संख्या में पहुंचकर प्रमुखता से मुद्दा उठाने का भी फैसला लिया है।
मालूम हो कि अधिवक्ता विजय प्रताप सिंह की बीते 28 अक्टूबर को गोली लगने के चलते इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना के विरोध में अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन भी किया एवं करीब महीने भर से इस पूरे प्रकरण में संदिग्ध भूमिका के आरोपी एसपी के स्थानान्तरण समेत अन्य मांगों को पूरा कराने को लेकर आन्दोलनरत है। अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए अधिवक्ताओं ने बार काउंसिल के चेयरमैन अनिल प्रताप सिंह व कई सदस्यों को भी अपने बीच बुलाया एवं अधिवक्ता के सुरक्षा व सम्मान के लिए चल रही लड़ाई में हर सम्भव सहयोग की अपेक्षा की। फिलहाल अभी तक अधिवक्ताओं की मांगे पूरी नहीं हो सकी है। जिसके क्रम में आन्दोलन को धार देने एवं अगली रणनीति तय करने के लिए शुक्रवार को बैठक बुलाई गई। जिसमें अधिवक्ता महेन्द्र शर्मा, करूणा शंकर द्विवेदी, राम शंकर पाण्डेय, गिरिजा शंकर, श्रवण कुमार पाण्डेय, आर्तमण मिश्र, बद्री प्रसाद पाण्डेय, गिरीश नरायन मिश्र, अच्छेराम यादव समेत कई अधिवक्ताओं ने अपने सम्बोधन के माध्यम से मुख्य अतिथि सपा जिलाध्यक्ष को सम्पूर्ण प्रकरण से अवगत कराया। जिसके उपरान्त सपा जिलाध्यक्ष ने अधिवक्ता समाज से अपना काफी जुड़ाव बताते हुए उनकी मांगों को पूरा कराने के लिए मुख्यमंत्री से मिलाने का भरपूर आश्वासन दिया है। वहीं संघ अध्यक्ष अरूण उपाध्याय ने शनिवार को होने वाली बार काउंसिल पदाधिकारियों की बैठक में शामिल होने के लिए इलाहाबाद चलने का भी फैसला लिया है। जहां पर बार काउंसिल से प्रदेश बंद कराये जाने के प्रस्ताव को लेकर हर स्तर पर अपनी मांगो को मजबूती से रखने का संकल्प लिया है। इस दौरान महासचिव राम अछैवर तिवारी, वरिष्ठ अधिवक्ता नरोत्तम शुक्ला, सूर्यनरायन सिंह, हरिराम चतुर्वेदी, अशोक कुमार शुक्ला, संजय शर्मा, विजय बहादुर सिंह, अंकुश यादव, अतुल शुक्ला, बेलाल अहमद, कमलेश तिवारी समेत सैकड़ो अधिवक्ता मौजूद रहे।
Tags:
uttar pradesh
