ब्युरो रिपोर्ट कवरेज इण्डिया इलाहाबाद।
'अंधे के हांथ बटेर लगना' ये कहावत तो आप सब ने सुनी ही होगी पर शायद देखने का मौका न मिला हो तो हम आपको ये अवसर प्रदान कर सकते हैं। अब ये न सोचिए कि कब, कहां, कैसे? जनाब इसके लिए आपको कहीं जाना नहीं है क्योंकि ऐसा ही एक नमूना गलती से या यूं कहें कि मोदी लहर में इलाहाबाद शहर उत्तरी का विधायक बन बैठा है जिनका नाम है हर्ष वर्धन वाजपेई,ये जनाब राजेन्द्रीय वाजपेई के पोते हैं जो कभी कांग्रेस की बड़ी लीडर हुआ करती थी,इनकी पढ़ाई लिखाई तो इंगलैंड में हुई है पर आदतें बिल्कुल ओछी और निचले स्तर वाली ही हैं।ताजा मामला इलाहाबाद जनपद के नवाबगंज थानाक्षेत्र के जुडापुर गांव का है जहां कुछ दिन पहले ही दो बहनों के साथ बलात्कार व उनके माता - पिता सहित चारों की हत्या कर दी गई थी, इसी मामले में गुरूवार को पीड़ित परिवार से मिलने व उन्हें सांत्वना देने डिप्टी सीएम 'केशव प्रसाद मौर्य' जी पहुंचे हुए थे और उनके साथ शहर उत्तरी विधायक 'हर्ष वर्धन वाजपेई' भी पहुंचे थे।
चुनाव जीतने के बाद अभिनंदन करने पहुंची भीड़ के साथ सेल्फी लेते शहर उत्तरी विधायक हर्ष वर्धन वाजपेई
मामला बड़ा था और प्रदेश के डिप्टी सीएम का आगमन भी तो इस कारण जिले की सारी मीडिया ने भी पहले से ही डेरा डाल रखा था। पीड़ित परिवार से मिलने के बाद एक ओर जहां डिप्टी सीएम महोदय मीडिया से मुखातिब हुए और सरकार द्वारा पीड़ित परिवार को हर सम्भव मदद व उनके दु:ख में शरीक होने की बात कर रहे थे तो वहीं दूसरी ओर शहर उत्तरी विधायक हर्ष वर्धन जो कि उनके पीछे खड़े तो थे पर उनका ध्यान न पीड़ित परिवार पर था और न ही सामने खड़ी मीडिया समूह पर... उनका ध्यान यदि कहीं था तो वो था सामने खड़े विशाल मीडिया समूह व डिप्टी सीएम 'केशव प्रसाद मौर्य' के साथ सेल्फी लेने में।
जी हां, इन महोदय को इतना भी समझ में नहीं आ रहा था कि ये कितने जिम्मेदार पद पर है, कितने गम्भीर प्रकरण में आए हुए हैं, इनके इस रवैये से पीड़ित परिवार के ऊपर इनकी इस ओछी हरकत का क्या प्रभाव पड़ेगा। मीडिया के सामने सेल्फी लेने से पहले इन्होंने यह भी नहीं सोचा कि ये भारतीय जनता पार्टी के विधायक भी हैं। बताना चाहेगें कि ऐसा नहीं कि ये घटना इनकी पहली घटना हो इसके पहले भी जब एक सभा में रीता बहुगुणा जोशी जब मंच पर अपना सम्बोधन दे रही थी उस दौरान इनकी सेल्फी लेने वाली आत्मा जागृत हो गई थी, चुनाव जीतने के बाद भारी मात्रा में पहुंची भीड़ को देखकर भी ये सेल्फी लेने से नहीं चूके थे।
जी हां, इन महोदय को इतना भी समझ में नहीं आ रहा था कि ये कितने जिम्मेदार पद पर है, कितने गम्भीर प्रकरण में आए हुए हैं, इनके इस रवैये से पीड़ित परिवार के ऊपर इनकी इस ओछी हरकत का क्या प्रभाव पड़ेगा। मीडिया के सामने सेल्फी लेने से पहले इन्होंने यह भी नहीं सोचा कि ये भारतीय जनता पार्टी के विधायक भी हैं। बताना चाहेगें कि ऐसा नहीं कि ये घटना इनकी पहली घटना हो इसके पहले भी जब एक सभा में रीता बहुगुणा जोशी जब मंच पर अपना सम्बोधन दे रही थी उस दौरान इनकी सेल्फी लेने वाली आत्मा जागृत हो गई थी, चुनाव जीतने के बाद भारी मात्रा में पहुंची भीड़ को देखकर भी ये सेल्फी लेने से नहीं चूके थे।
मंच पर संबोधन दे रही रीता बहुगुणा जोशी के साथ सेल्फी लेते हुए शहर उत्तरी विधायक हर्ष वर्धन वाजपेई
बता दें कि 'हर्ष वर्धन वाजपेई' की पढ़ाई लिखाई बाहर विदेशों में ही हुई है। इलाहाबाद शहर में इनकी छवि दलबदलू नेताओं में आती है, इन महोदय ने पहले बीएसपी के टिकट पर चुनाव लड़ा और हार गए, फिर इन्होंने समाजवादी पार्टी का दामन थामा जहां टिकट पाने से वंचित रह गए और 2017 विधानसभा चुनाव में जुगाड़ लगाकर भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन किए व टिकट पाने में सफल रहे और मोदी लहर में जीतकर विधायक भी बन गए पर इसे कम उम्र व राजनीतिक अनुभव हीनता कहें या कुछ और कि ऐसे गंभीर मुद्दे पर भी इस प्रकार की शर्मनाक हरकत करते हुए विधायक जी 'कवरेज इण्डिया' के कैमरे में कैद हो गए।इनकी इस हरकत से न सिर्फ रेप व हत्या से पीड़ित परिवार की भावनाओं को ठेस पहुंची है बल्कि डिप्टी सीएम'केशव प्रसाद मौर्य' व भाजपा की साख पर भी बट्टा लगा है।
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