सरकार व प्रशासन द्वारा निर्धारित समय में ग्रामीण क्षेत्रों के इण्डिया मार्का हैंडपम्पों को बनवाने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत अधिकारियों व सचिवों को सौंपी गई है। अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज चंचल कुमार तिवारी ने सख़्त हिदायत दी है कि यदि किसी भी गाँव में कोई नल सात दिनों से अधिक समय तक ख़राब रहेगा तो तत्काल उस सम्बंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी। सरकार की इतनी सख्ती के बाद भी ग्रामीण क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों व अधिकारियों के ऊपर कोई असर नही पड़ता है। आज भी कई गाँवो के नल दो-तीन महीने से खराब पड़े हैं। भयंकर गर्मी पड़ने के बावजूद कोई इनका हाल लेने वाला नही है। ऐसे में सरकार के सभी दावे खोखले साबित हो रहे हैं और सब ढोल के भीतर पोल नजर आ रहा है।
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