गर्मी की शुरुआत में ही सूख गए सब ताल, तलैया, पशु-पक्षी बेहाल





रिपोर्टर-गोविन्द वर्मा
सिरौलीगौसपुरकी।गर्मियों के दिनों में पृथ्वी के सभी जीवधारियों को ज़्यादा पानी की आवश्यकता होती है, क्योंकि तेज गर्म हवाएं, आँधियाँ व दोपहर की धूप लोगों के जीवन को पूरी तरह से प्रभावित करती हैं। मनुष्य तो किसी न किसी तरह से अपने लिए उपयुक्त व्यवस्था बना लेता है, लेकिन ये बेचारे निर्दोष जानवर, पशु- पक्षी आखिर कैसे अपने जीवन की गाड़ी को बिना पानी के आगे बढ़ाएं। इन पशु-पक्षियों के अलावा कुछ और भी ऐसे निरीह प्राणी हैं जो बिना जल के जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते।


        आज हालात यह हैं कि पानी के जो भी जलस्रोत हैं वह पूरी तरह से सूखते जा रहे हैं। नहरों में पानी अब भी सुविधानुसार नही उपलब्ध हो पा रहा है। नहरों के पानी को किसान के खेतों तक पहुंचाने के लिए सरकार द्वारा प्राप्त निर्देशों के आधार पर प्रशासन ने जेसीबी मशीनों व मनरेगा योजना के तहत बड़ी संख्या में नहरों की खुदाई करवाया है। परन्तु कुछ ऐसी भी नहरें हैं जिनके टेल तक पानी नही पहुँच रहा है, क्योंकि जब मुख्य नहर की खुदाई हुई तो उससे जुड़ी इन नहरों के ऊँचाई पर होने की वजह से इनमें पानी नही पहुँच पा रहा है।
        अब ऐसे में तालाबों में भी पानी भरने का अन्य कोई जरिया नजर नही आता है। क्योंकि अकबरपुर माइनर की सफ़ाई होने के बाद आगे सैदखानपुर व नेवली दनापुर की तरफ पानी आसानी से नही पहुँच पा रहा है। ये हाल सिर्फ़ अकबरपुर में बने तालाब मात्र का नही है, बल्कि मसूदपुर, खलसापुर, ठाकुरपुर, बघौरा, डूंडी, महमूदाबाद, हमीदनगर आदि अनेकों पंचायतों के जलाशय सूखे पड़े हैं।
        तालाबों के सूखने की वजह से इन तालाबों के पानी पर पूरी तरह आश्रित जीव प्यास से मर रहे हैं। अभी अप्रैल महीने में ही गर्मी का यह सितम है तो फिर मई व जून में क्या होगा?

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