अजमेर| गोवर्धनमठ पूरी पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने कहा कि राजनीति और धर्म पृथक नही है बल्कि दोनों का उदेश्य जनकल्याण ही है। उन्होंने आयोध्या राम मन्दिर, गौ हत्या, धर्मान्तरण और हिन्दुओ पर अत्याचार जैसे सवेदनशील मुद्दों पर अपनी राय व्यक्त की और उन राजनेताओ को जिम्मेदार इसका जिम्मेदार ठहराया जो वोट बैंक की खातिर तुष्टीकरण की राजनीति करते आये है। राम मन्दिर मामले में उन्होंने कहा कि आयोध्या मानवनिर्मित एक मात्र विश्व की राजधानी रही है।
मंदिर के समीप ही मज्जिद बनाने वाले नेताओ के बयानबाजी से सतर्क रहने की बात कहते हुए स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने कहा कि जो राम का नही हुआ वो देश और किसका क्या होगा। उन्होंने यह भी कहा कि मुस्लिम तंत्र को खुद आगे आकर राम मन्दिर बनाये जाने की पैरवी करनी चाहिए। धर्मांतरण मामले उन्होंने कहा कि भय और लालच दिखाकर हिन्दुओ का धर्मान्तरण किया जा रहा है। हिन्दुओ को स्वर्ण दलित या अल्पसंख्यक बताकर तोड़ने की साजिश की जा रही है। गौ हत्या के मामले पर भी उन्होंने राजनेताओ पर ही निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि देश में ही गौ मास का निर्यात हो रहा है किसी सरकार इसे रोकने की कोशिश नही की। इन तमाम सवेदनशील मुद्दों पर स्वामी निश्चलानंद सरस्वती के निशाने पर पण्डित जवाहर लाल नेहरू, मोरारजी देसाईं सहित कांग्रेस निशाने पर रही। वर्तमान सरकार गौ हत्या को रोकने के लिए सख्त कानून बनाएगी के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि वे बीजेपी के एजेंट नही है। राम मंदिर मसले पर तो एक पत्रकार के प्रश्न पर स्वामी निश्चलानंद बिफर भी गए थे|
Tags:
state
