
आम शिकायत है कि नौकरशाह काम तो बहुत करते हैं लेकिन उन्हें पूरा क्रेडिट नहीं मिलता. बेचारे पर्दे के पीछे फाइलें खिसकाते-खिसकाते खप जाते हैं, कोई पूछने नहीं आता. लेकिन साल में एक दिन आता है ‘सिविल सर्विसेज डे’. इस दिन नौकरशाह स्पेशल फील करते हैं. दिल्ली में एक कार्यक्रम भी होता है जिसमें प्रधानमंत्री शिरकत करते हैं. और प्रधानमंत्री ‘दो शब्द’ कहते हैं. लेकिन मोदी जी तो मोदी जी हैं. वो काहे लीक पर चलेंगे. सो उन्होंने ‘दो शब्द’ की जगह एक चुटकुला सुनाया. और सीनियर अफसर दबा के हंसे.
चुटकुले वाली महफिल बैठी थी दिल्ली के विज्ञान भवन में. सरकार के बड़े-बड़े कार्यक्रम अक्सर यहीं होते हैं. पहले आप चुटकुला सुन लेंः
एक बार एक सीनियर व्यक्ति ने देखा कि एक बगीचे में दो लोग बड़ी मेहनत से काम कर रहे हैं. लेकिन पास जाकर देखा तो उसे कुछ समझ में नहीं आया कि वो लोग कर क्या रहे हैं. उनमें से एक व्यक्ति गड्ढे खोद रहा था और दूसरा आदमी गड्ढों में मिट्टी डाल रहा था.उस सीनियर व्यक्ति को बड़ा कौतूहल हुआ कि आखिर यह लोग करना क्या चाहते हैं? उसने उन दोनों के पास जाकर पूछा, ”भाई आप दोनों क्या काम कर रहे हो?”जवाब मिला कि हम दो नहीं तीन लोग हैं.सीनियर ने पूछा, ”लेकिन तीसरा व्यक्ति तो दिखाई नहीं दे रहा है?”इस पर दोनों ने कहा कि वह असल में दूसरा आदमी है जो आज छुट्टी पर है. बात ऐसी है कि तीन लोगों में पहले का काम है गड्ढा खोदना जो मैं कर रहा हूं. दूसरे व्यक्ति के ज़िम्मे है उन गड्ढों में पेड़ डालना. तीसरे व्यक्ति का काम है गड्ढों में मिट्टी डालना. दूसरा व्यक्ति आज ऑफ पर है लेकिन हम लोग अपना काम कर रहे हैं!
इसके बाद तालियां बजीं, ठहाके पड़े. पीएम मोदी ने आगे कहा कि आंकड़ों के लिहाज से देखें तो सचमुच दोनों लोग पूरी मेहनत से काम कर रहे हैं. लेकिन उनके काम का नतीजा क्या निकला यह बात आप पूरी तरह से समझ सकते हैं. पीएम का इशारा इस ओर था कि आंकड़ेबाज़ी से बात ज़्यादा दूर तक नहीं जाती.
मोदी ने नौकरशाहों से ये भी कहा कि प्रेरणा लेने के लिए उन्हें किसी और कहानी की जरूरत नहीं है और ना ही किसी और की बात सुनने की जरूरत है. अगर आप सब लोग सिर्फ उस दिन को याद करें जिस दिन सिविल सर्विसेस में आपका सिलेक्शन हुआ था. याद कीजिए कि उस दिन आपके मां-बाप ने, आप के दोस्तों ने और खुद आपने क्या सपने देखे थे. अगर आप खुद से यह सवाल पूछें कि क्या आज आप उन सपनों को पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं तो आपको अपका रास्ता खुद ही मिल जाएगा.
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