ब्युरो रिपोर्ट कवरेज इण्डिया इलाहाबाद।
इलाहाबाद: 'न खाता न बही जो हम छापें वही सही' जी हां आज सुबह से हर नुक्कड़,हर चाय वाले और हर पान की दुकानों पर कुछ ऐसा ही सुनने को मिल रहा है।दरअसल आज पूरे देश में पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर जी की जयंती मनाई जा रही है और इसी बीच अमर उजाला फैजाबाद संस्करण की एक कटिंग सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की जगह चंद्रशेखर आजाद की फोटो छाप दी गई है और सूचना दी गई है कि आज 10 बजे से विभिन्न स्थानों पर चंद्रशेखर आजाद की जयंती मनाई जाएगी।अमर उजाला की जो कटिंग सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है उसमें साफ तौर पर चंद्रशेखर आजाद की फोटो देखी जा सकती है।हो सकता है ये सब गलती से हो गया हो,पर बड़ा सवाल ये है कि क्या बड़े अखबारों की गलती गलती नहीं है ? क्या बड़े अखबारों को कुछ भी छाप देने का अधिकार है ? क्या बड़े अखबार इतिहास से भी छेड़छाड़ कर सकते हैं ? शायद नहीं... पर एक बात बिल्कुल साफ है कि यदि यही गलती किसी छोटे अखबार ने की होती तो उसकी विश्वसनीयता सहित उसके लायसेंस पर भी प्रश्नचिन्ह लग चुका होता।
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