मरीजों के भगवान कहे जाते हैं डॉ० संतोष


रिपोर्टर- बाल गोविन्द वर्मा
सिरौलीगौसपुर, बाराबंकी।गर्मियों के दिनों में बीमारियों की चपेट में लगभग ऐसा कोई नही जो आ न जाता हो। शायद यही कारण है कि गर्मी के महीने में डॉक्टरों का काम बहुत बढ़ जाता है। मरीज़ डॉक्टर को भगवान का स्वरूप मानते हैं, क्योंकि भगवान के बाद इस धरती पर उनके स्वरूप को डॉक्टरों में ही देखा जाता है। मरीज़ अपनी बीमारी के समय जब बहुत लाचार हो जाता है तो वह अपने स्वास्थ्य लाभ के लिए डॉक्टर का दरवाज़ा खटखटाता है और डॉक्टर भी बड़ी शिद्दत के साथ मरीजों का इलाज़ करते हैं।
        बतातें चलें कि जब सी एच सी सिरौलीगौसपुर की हक़ीकत पता करने हमारी टीम पहुँची तो वाकई वहाँ का नज़ारा कुछ और ही था। चिकित्सा अधीक्षक डॉ० संतोष सिंह बड़ी तल्लीनता के साथ मरीजों को देखकर उनका इलाज कर रहे थे, जबकि कुछ अन्य डॉ० अपने अलग-अलग कार्यों में व्यस्त थे। जब मरीजों से हॉस्पिटल के विषय मे पूछा गया तो पता चला कि  डॉ० संतोष सिंह बड़े अच्छे तरीक़े से मरीजों का इलाज़ करते हैं। जब डॉ० साहब से बात हुई तो उन्होंने बताया कि मैं मरीजों की सेवा करता हूँ , इलाज़ नही।

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