
निखिल
ज्यों-ज्यों हम अपनी ज़िंदगियों में अकेले हुए हैं, खुद को ‘व्यस्त’ रखने के लिए इंटरनेट की ओर मुड़े हैं. खासतौर पर सोशल मीडिया की ओर. यहां हम लोगों से ‘मिलते-बतियाते’ हैं, एक दूसरे को टैग कर टांग खींचते हैं. लेकिन इसी सोशल मीडिया पर कुछ कोने ऐसे भी बने हुए हैं जो यूज़र्स को लोगों से मिलाने के बजाए डिप्रेशन की ओर धकेलते हैं और कई मामलों में उनकी जान चली जाती है.
रूस में सोशल मीडिया पर खेले जाने वाले गेम ‘ब्लू व्हेल’ के चलते 130 टीनएजर्स की खुदकुशी का मामला सामने आया है. परेशान करने वाली बात ये है कि यही गेम अब ब्रिटेन में लॉन्च होने जा रहा है.
‘ब्लू व्हेल’ कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर खेला जा सकता है. गेम की शुरूआत में यूज़र को एक ‘मास्टर’ मिलता है. ये मास्टर अगले 50 दिनों तक यूज़र को कंट्रोल करता है और रोज़ के लिए एक टास्क देता है. ज़्यादातर टास्क ऐसे होते हैं जिनमें खुद को नुकसान पहुंचाना होता है. मसलन अपनी स्किन को ब्लेड से खुरच कर एक ब्लू व्हेल बनाना, दिन-दिन हॉरर फिल्में देखना और देर रात को जागना. गेम में शामिल होने वाले ज़्यादातर टीनएजर्स डिप्रेशन में आ जाते हैं. गेम उनकी कमज़ोरियों को टार्गेट करता है. उन्हें इस तरह की तस्वीरें और वीडियो दिखाए जाते हैं जो उन्हें ज़िंदगी पर सवाल उठाने को कहते हैं. और जब 50वें दिन उनसे अपनी ज़िंदगी खत्म कर गेम जीतने को कहा जाता है, वो खुद को रोक नहीं पाते.
रूस में पुलिस का ध्यान इस तरफ तब गया जब पूरे देश से टीनएज बच्चों (खासतौर पर लड़कियों के) की खुदकुशी की खबरें आईं. ये सभी टीनएजर्स किसी ऑनलाइन गेम खेल में शामिल थे. एक मामले में दो टीनएज लड़कियों ने एक बिल्डिंग की 14 वीं मंज़िल से कूद कर जान दे दी. यूलिया कोंस्तैंतिनोवा और वेरौनिका वोल्कोवा दोस्त थीं और दोनों ने खुदकुशी के ऐन पहले फेसबुक पर मिलते जुलते पोस्ट डाले थे. यूलिया ने एक ब्लू व्हेल की तस्वीर के साथ पोस्ट किया – ”End”. वेरौनिका ने लिखा, ”Sense is lost…End”. ये इस तरफ इशारा था कि ये लड़कियां ब्लू व्हेल खेल रही थीं.
यूलिया और वेरौनिका की ही तरह कई बच्चों ने कभी बिल्डिंग से कूद कर तो कभी ट्रेन के सामने आकर अपनी जान दी. 2016 में फिलिप बुदिकीन नाम के शख्स को ब्लू व्हेल जैसे सूसाइड ग्रुप्स बनाने के इल्ज़ाम में पकड़ा गया. फिलिप के पकड़े जाने पर मामलों में कमी आई, लेकिन उसे तकरीबन 20 मामलों में ही दोषी माना गया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कम से कम 130 टीनेजर ने ब्लू व्हेल के चलते जान दी है. कई बच्चों को बचाया भी गया है. यानी ऐसे और सूसाइड ग्रुप्स हैं, जिनका पता लगना बाकी है.
फिलहाल ब्लू व्हेल गेम बैन नहीं हुआ है. अब ये गेम ब्रटेन में लॉन्च होने जा रहा है. इसलिए वहां लोग परेशान हैं. एसेक्स के एक स्कूल हेडमास्टर ने बच्चों के माता-पिता को एक लेटर लिख के इस गेम के खिलाफ आगाह किया है.
Tags:
ajab gajab

