डेढ़ करोड़ की नगदी में बैंक अधिकारियों से जुड़ रहे हैं मिलीभगत के तार

डेढ़ करोड़ की नगदी में बैंक अधिकारियों से जुड़ रहे हैं मिलीभगत के तार

नई दिल्ली।   अपराध पुलिस की पकड़ में आये अजीत पाल सिंह और राजेंद्र पाल सिंह पकड़ में आने के बाद खुलासा किया है कि जिस व्यक्ति ने उन्हें नोट बदलने के लिए भेजा था, वह उनका जानकार ही है। इसकी पहचान संजय मलिक के तौर पर हुई है। वह अभी फरार है। सूत्रों ने बताया कि जिस तरह से दोनों लोग इतने पैसे लेकर आये हैं, उससे यह लगता है कि इन लोगों की किसी बैंक अधिकारी से मिलीभगत है। वहीं पूछताछ में यह भी सामने आया है कि दोनों ही लग अब तक डेढ़ करोड़ रुपये की नकदी ला चुके थे।
वहीं अपराध शाखा के ज्वाइंट सीपी रवींद्र यादव ने बताया कि इस मामले में एसआई संदीप यादव के पास ही इस बात की सबसे पहले सूचना आई थी कि दो व्यक्ति यह पैसा लेकर आने वाले हैं, जिसके बाद दोनों को दबोचा गया। सूत्रों ने बताया कि जिस संजय मलिक की पुलिस तलाश कर रही है, उसका फार्मासेटिकुल का कारोबार है। हालांकि सूत्रों ने बताया कि इस मामले को तुरंत आयकर विभाग को भी सूचित किया गया। हालांकि इस मामले में यह भी बात उभकर सामने आई है कि संजय मलिक की बेटी 50 लाख रुपये लेकर भाग गई थी, जिसकी जांच जारी है।

पुलिस ने ऐसे की पूछताछ
प्रश्न:1 अपना नाम बताइए
उत्तर: मेरा नाम अजीत पाल सिंह अरोड़ा है, मेरी उम्र 41 साल है। मैं आपको अपनी पहचान के लिए अपना ड्राइविंग लाइसेंस और मोबाइल नंबर दे रहा हूं।
प्रश्न 2: क्या आप इनकम टैक्स फाइल करते हैं?
उत्तर : हां, मैं इनकम टैक्स लगातार भरता हूं। मैंने इसे दिल्ली मतें भरा है। हालांकि मुझे पेन कार्ड का नंबर याद नहीं है।
प्रश्न 3: आपकी शैक्षिक योग्यता क्या है?
उत्तर: मैं बारहवीं तक पढ़ा हुआ हूं। मेरे पास कोई भी तकनीकी डिग्री नहीं है।
प्रश्न 4: आपकी आय का स्रोत क्या है?
उत्तर: मेरी आय का स्रोत मेरी फर्म मैसर्स मेडिकोस है, जो मेडिकल का रिटेल बिजनेस देखती है। मैं इन 27 लाख रुपये को मुंबई से दिल्ली संपर्क क्रांति एक्सप्रेस से लेकर आ रहा था। इस दौरान मुझे रेलवे स्टेशन के बाहर संजय मलिक की गाड़ी में पकड़् लिया गया।
प्रश्न 5: आपके साथ गाड़ी में कौन मौजूद था,जब आप पकड़े गये ?
उत्तर: मेरे साथ गाड़ी में संजय मलिक का नौकर राजेंद्र कुमार मौजूद था।
इसके बाद राजेंद्र कुमार से पूछताछ हुई। जिसमें उसने अपना नाम बताया, साथ ही अपनी पहचान के लिए उसने आधार कार्ड और मोबाइल नंबर दिया।
प्रश्न: क्या आप इनकम टैक्स देते हैं?
उत्तर: मेरे पास कोई पेन कार्ड नहीं है।
प्रश्न: आपकी शैक्षिक योग्यता क्या है?
उत्तर: मैं आठवीं तक पढ़ा हुआ हूं। मुझे इंग्लिश पढ़नी और लिखनी नहीं आती
प्रश्न: आपकी आय का स्रोत क्या है?
उत्तर: मैं डुडियाल अपार्टमेंट में संजय मलिक के यहां उनके नौकर के तौर पर काम करता हूं। मुझे 5 हजार रुपये मिलते हैं। मैं उनके घर में ही रहता हूं
प्रश्न: जब आपको पकड़ा गया तो आपके साथ कौन मौजूद था।
उत्तर : मेरे साथ अजीत पाल सिंह अरोड़ा मौजूद थे। वह संजय मलिक के दोस्त थे। इसके अलावा कार में संजय का नौकर राजीव थापा भी मौजूद था।

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