मोदी ने बहुत सोच विचार कर लिया था नोटबंदी का फैसला, 2019 से पहले ही दौड़ने लगेगा इंडिया


कवरेज इण्डिया न्यूज डेस्क। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नोटबंदी और GST का फैसला बहुत ही सोच विचार कर और विल्कुल सही समय पर किया था, नोटबंदी का निर्णय पांच साल के कार्यकाल के एकदम बीच में किया था जबकि GST कार्यकाल ख़त्म होने से 2 साल पहले. दोनों ही फैसले अर्थव्यवस्था में सुधार करने के लिए किये गए हैं.

प्रधानमंत्री मोदी ने नोटबंदी और GST का फैसला कार्यकाल के बीच में इसलिए किया ताकि एक दो साल लोग उनकी आलोचना करें, उन्हें पता था कि अर्थव्यवस्था को झटका लगेगा, लोग उनकी आलोचना करेंगे, विपक्षी पार्टियाँ इसे मुद्दा बनाएंगी लेकिन 2019 चुनाव से पहले अर्थव्यवस्था फिर से पटरी पर आ जाएगी और जनता की शिकायत दूर हो जाएगी.

सब कुछ मोदी सरकार के प्लान के मुताबिक़ ही हो रहा है, अर्थव्यवस्था को झटका लगा है, ग्रोथ रेट डेढ़ फ़ीसदी गिर चुकी है, लोग मोदी सरकार की आलोचना कर रहे हैं लेकिन सरकार अर्थव्यवस्था में सुधार के रास्ते पर फुल रफ़्तार से दौड़ रही है और अब इसके परिणाम भी आने लगे हैं.

आपको बता दें कि आज इंटरनेशनल मॉनिटरी फंड (IMP) ने विश्व के सभी देशों की ग्रोथ रेट का प्रोजेक्शन किया है जिसमें भारत की ग्रोथ रेट 2017 में थोडा डगमगाई है लेकिन 2018 में ग्रोथ रेट फिर से पटरी पर आती दिख रही है, यही नहीं 2019 में अर्थव्यवस्था 8 के आसपास पहुँच जाएगी, मतलब मोदी सरकार के कार्यकाल के अंत में ग्रोथ रेट 8 के आसपास रहेगी और कांग्रेस पार्टी अर्थव्यवस्था को मुद्दा नहीं बना पाएगी.

IMF की ग्रोथ प्रोजेक्शन के अनुसार 2017 में भारत की ग्रोथ रेट 6.7 फ़ीसदी, 2018 में 7.4 फ़ीसदी हो जाएगी. 2018 के बाद भारत चीन को विकास की रफ़्तार में फिर से पछाड़कर सबसे तेज गति से विकास करने वाला देश बन जाएगा.
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस समय भारत की ग्रोथ रेट 5.9 फ़ीसदी के आसपास है, कांग्रेस पार्टी ने इसे मुद्दा बनाया हुआ है, अन्य विपक्षी पार्टियाँ भी कांग्रेस का साथ दे रही हैं लेकिन कांग्रेस अर्थव्यवस्था का मुद्दा जितना उठाएगी उसे 2019 लोकसभा चुनाव में उतना ही बड़ा नुकसान होगा क्योंकि 2019 चुनाव से पहले GDP फिर से बढ़ जाएगी और कांग्रेस अपने ही जाल में फंस जाएगी, मोदी सरकार यह कहेगी कि अगर हमारी वजह से अर्थव्यवस्था गिरी थी तो हमने इसे ठीक भी किया है और विकास की रफ़्तार फिर से तेज कर दी है जबकि कांग्रेस के पास बोलने के लिए कुछ रहेगा ही नहीं.

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