लखनऊ समाजवादी पार्टी मुखिया मुलायम सिंह यादव के फैसले भी कितने पेचीदे होते है इसको समझना आसान नही है .कल जब पार्टी ने उम्मीदवारों की लिस्ट ज़ारी की तब शिवपाल के हिसाब से टिकट बटवारा हुआ जिसमे अखिलेश समर्थक नेताओ के टिकट तक काट दिया गया .
मगर रात होने तक शिवपाल यादव से इस्तीफ़ा लेने की खबरे आ रही है हैडलाइन २४ ने पहले ही खबर दे दी थी कि टिकट अपने हिसाब से बाटने के लिए शिवपाल यादव ने अपना सब कुछ दाव पर लगा दिया है
टिकट बटवारे में अपनी चलवाने के बाद शिवपाल यादव को पद छोड़ने का आदेश दिए जाने की खबरे है माना जा रहा है ये शिवपाल यादव के लिए किसी बड़े भूकंप से कम नही है ये बात सही है अपने मनमुताबिक टिकट बाटने के लिए शिवपाल ने प्रदेश अध्यक्ष पद भी छोड़ने को कहा था लेकिन उन्हें इस बात का कतई अनुमान नही था उनके द्वारा की गयी पेशकश पर सपा मुखिया गंभीर हो जायेंगे .
आखिर धर्मेंद्र यादव को ही ज़िम्मेदारी क्यो
धर्मेंद्र यादव बदायूं से सांसद है सपा मुखिया के भातीज़े है लेकिन अखिलेश के खुले समर्थक है इसलिए धर्मेंद्र यादव को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के पीछे अखिलेश को संघठन में मजबूत करने की कवायद है .
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