
नोटबंदी के बाद पहली बार आज से दो दिनों के लिए लगातार बैंक बंद हैं. नोट बदलने का काम शुक्रवार से ही बंद हो चुका है. अब नए नोटों के लिए सारा जोर एटीएम पर ही होगा. लिहाजा एटीएम पर काफी भीड़ रहने की आशंका है. नोटबंदी के ऐलान के बाद आज 18वां दिन है. पिछले 17 दिनों से बैंक के बाहर और पिछले 16 दिनों से एटीएम के बाहर लोग लाइन में खड़े थे.
कतार की तरह लोगों की परेशानियों का कारवां भी लंबा है. आज फिर से मुसीबतों में इजाफा तय है क्योंकि अगले 2 दिनों तक सरकारी और निजी बैंक रहेंगे और ग्राहकों का सामना गेट और शटर पर लटके ताले से होगा. कारण आज अंतिम शनिवार और कल रविवार होगा.
दो दिन तक लगातार बैंक बंद होने से सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को होगी जिनके पास एटीएम कार्ड नहीं हैं. खासकर छोटे शहरों और पहाड़ी राज्यों में मुसीबत ज्यादा बढ़ने वाली है जहां बैंक की सुविधा एटीएम के मुकाबले अभी भी ज्यादा आसान है. देश के कई राज्य और इलाके अभी भी ऐसे हैं जहां एटीएम की सुविधा नहीं है और अगर है भी तो फासला सैकड़ों किलोमीटर तक का है.
जहां तक एटीएम की बात है तो वहां पहले से ही कतार लंबी है. दो दिनों की बैंकबंदी की वजह से लाइनों का लंबा होना तय है और ये भी तय है कि साप्ताहिक छुट्टियों की वजह से लोगों के सामने अलग से छुट्टी लेने का भी दबाव नहीं होगा. लिहाजा हर कोई एटीएम के बाहर ही नजर आएगा. अभी भी देश के 80 फीसदी से भी कम एटीएम काम कर रहे हैं और ऐसे में मशीनों पर दबाव उनकी तकनीकि क्षमता की जमकर परीक्षा लेने वाला है. वहीं बैंककर्मियों को 2 दिनों की राहत तो जरुर मिलेगी, लेकिन आम जनता की परेशानी बढ़ने वाली है.
आपको बता दें कि क्षेत्रीय सर्वे के बाद जो रिपोर्ट निकलकर आई है उसके मुताबिक बात बिहार कि या हो झारखण्ड या राजस्थान, यूपी, उत्तराखंड सभी जगह कैश कि बुरी तरह किल्लत है. इतनी किल्लत के बाद भी जनता अभी तक बहुतायत में खुश नजर आ रही है. सभी सर्वे के मुताबिक जनता सन्तुष्ट है पीएम मोदी की नोट बन्दी के ऐलान से. ये तो पांच राज्यों के प्रस्तावित चुनाव ही बातएंगे कि जनता कितनी खुश या दुखी नजर आई.
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